मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने कहा- "लालटेन युग समाप्त हो चुका है, अब वेपर लाइट का जमाना है"; राजद के चुनाव चिह्न से जुड़े मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेजा
बिहार सरकार के मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन को आवंटित 24 स्टैंड स्थित सरकारी आवास परिसर से एक बड़ा लालटेन हटाकर कूड़े के ढेर में फेंके जाने के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। इसी आवास में पहले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेज प्रताप यादव रहते थे। लालटेन राजद का चुनाव चिह्न होने के कारण इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि अब बिहार में लालटेन की कोई आवश्यकता नहीं है और लोगों ने इसे कूड़ा-करकट समझकर कचरे के ढेर पर फेंक दिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सुबह इको पार्क से लौटने के दौरान उन्होंने एक युवक को लालटेन को खींचकर सड़क पर फेंकते देखा। पूछने पर युवक ने कथित तौर पर कहा कि अब घर में इसकी कोई जरूरत नहीं रह गई है।
मंत्री ने आगे कहा कि बिहार की जनता ने लालटेन युग को समाप्त कर दिया है और अब डबल इंजन की सरकार के दौर में वेपर लाइट का जमाना है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में 18 से 22 घंटे तक बिजली उपलब्ध रहती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि तेज प्रताप यादव इस आवास में रहते थे और संभवतः वही इस लालटेन को छोड़कर चले गए। उनके अनुसार, लालटेन को देखकर लोगों को जंगलराज की याद आती है।
मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने कहा, "बिहार की जनता ने ही लालटेन युग को समाप्त कर दिया है। अब वेपर लाइट का जमाना है। तेज प्रताप यादव तो लालटेन को कब का छोड़ चुके हैं।"
लालटेन हटाए जाने की घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। इस मुद्दे पर विभिन्न दलों की ओर से बयान सामने आने की संभावना है और सियासी बहस जारी है।


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