उमानाथ घाट पर 32 घंटे बाद मिला गंगा में डूबे वीरू कुमार का शव, परिवार में मचा कोहराम।।
बाढ़ |रविवार, 09 अगस्त 2026|रिपोर्ट: खबर जंक्शन बिहार,
बाढ़ के प्रसिद्ध उमानाथ घाट पर गंगा स्नान के दौरान डूबे 25 वर्षीय वीरू कुमार की तलाश आखिरकार करीब 32 घंटे बाद खत्म हुई। शआ पीएमनिवार की रात करीब 11:30 बजे गंगा नदी से वीरू कुमार का शव बरामद कर लिया गया। शव मिलने की खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
वीरू कुमार बाढ़ के सविता सिनेमा के पीछे रहते थे। बताया जाता है कि 7 अगस्त को वह उमानाथ घाट पर गंगा नदी में स्नान करने गए थे। इसी दौरान वह गहरे पानी में चले गए और गंगा की तेज धारा की चपेट में आकर डूब गए।
घटना के बाद से ही उनकी तलाश लगातार जारी थी। प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से गंगा में खोजबीन की जा रही थी। करीब 32 घंटे तक चली तलाश के बाद आखिरकार शव बरामद किया गया।
गंगा स्नान के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, 7 अगस्त को वीरू कुमार उमानाथ घाट पर गंगा स्नान करने पहुंचे थे। स्नान के दौरान वह गहरे पानी में चले गए। इसके बाद गंगा की तेज धारा में उनके डूबने की जानकारी सामने आई।
घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासन को जानकारी दी गई। इसके बाद वीरू कुमार की तलाश शुरू की गई। स्थानीय लोग भी खोजबीन में जुटे रहे।
घटना के बाद से ही परिवार के लोग उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए थे। लेकिन करीब 32 घंटे बाद जो खबर आई, उसने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।
32 घंटे की तलाश के बाद मिला शव
वीरू कुमार की तलाश गंगा नदी में लगातार की जा रही थी। प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से नदी में खोजबीन का सिलसिला जारी रहा।
काफी समय बीतने के बावजूद वीरू कुमार का कोई सुराग नहीं मिल रहा था। परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी।
आखिरकार 8 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे वीरू कुमार का शव बरामद कर लिया गया। करीब 32 घंटे बाद शव मिलने की सूचना से घटनास्थल और परिवार के बीच गम का माहौल छा गया।
शव मिलते ही परिजनों में मचा कोहराम
वीरू कुमार के शव की बरामदगी की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। जिस परिवार को इतने समय से उनके सुरक्षित लौटने की उम्मीद थी, वहां अचानक मातम छा गया।
वीरू कुमार की मौत से परिजनों का दुख गहरा है। परिवार के लिए यह घटना बेहद पीड़ादायक रही, क्योंकि करीब 32 घंटे तक उनकी तलाश जारी रही और आखिर में उनकी मौत की खबर सामने आई।
लेकिन असली दर्द अब परिवार के सामने है…
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया शव
शव बरामद होने के बाद प्रशासन ने उसे अपने कब्जे में लिया। इसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई गई।
पोस्टमार्टम के बाद वीरू कुमार का शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। शव घर पहुंचने के बाद परिवार में मातम का माहौल और गहरा हो गया।
परिजनों के लिए यह समय बेहद मुश्किल है। एक हादसे ने परिवार से 25 वर्षीय वीरू कुमार को हमेशा के लिए छीन लिया।
उमानाथ घाट पर सुरक्षा को लेकर सवाल
घटना के बाद उमानाथ घाट पर सुरक्षा व्यवस्था और गंगा में स्नान के दौरान सावधानी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
गंगा नदी में पानी का बहाव और गहराई कई जगह चुनौतीपूर्ण हो सकती है। ऐसे में स्नान करने वाले लोगों के लिए सावधानी बेहद जरूरी होती है।
उमानाथ घाट पर हुई इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि घाटों पर लोगों की सुरक्षा को लेकर किस तरह की अतिरिक्त व्यवस्था होनी चाहिए।
गंगा स्नान के दौरान सावधानी जरूरी
गंगा में स्नान करने वाले लोगों को नदी की गहराई और बहाव का ध्यान रखना चाहिए। खासकर ऐसे स्थानों पर जहां पानी अचानक गहरा हो जाता है, वहां अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
बाढ़ के उमानाथ घाट पर वीरू कुमार के साथ हुई घटना इस बात की गंभीर याद दिलाती है कि धार्मिक आस्था और स्नान के दौरान सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
फिलहाल वीरू कुमार के शव का पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। परिवार अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में जुटा है और पूरे इलाके में इस घटना को लेकर शोक का माहौल है।
करीब 32 घंटे तक चली तलाश के बाद वीरू कुमार का शव तो बरामद हो गया, लेकिन परिवार के सामने अब अपने जवान बेटे को खोने का गहरा दुख है। उमानाथ घाट की यह घटना गंगा स्नान के दौरान सावधानी और घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी एक गंभीर सवाल छोड़ गई है।
आपके अनुसार गंगा घाटों पर हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।



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