19 अगस्त 2022 की आपदा में घर उजड़ने के बावजूद देहरादून की साक्षी ने हाईस्कूल में 94.60% अंक प्राप्त किए।

साक्षी ने अपनी मेहनत के दम पर हाईस्कूल में प्राप्त किए 94.60% अंक।
19 अगस्त 2022 की आपदा में घर-जमीन गंवाई
कठिन परिस्थितियों में हाईस्कूल में 94.60% अंक हासिल किए
भारतीय सेना में शामिल होकर देशसेवा का है सपना
जागरण संवाददाता, देहरादून। 19 अगस्त 2022 की आपदा ने सरखेत निवासी साक्षी के परिवार से बहुत कुछ छीन लिया था। जमीन बह गई, घर का अधिकांश सामान मलबे में दब गया और पढ़ाई तक छूटने की कगार पर आ गई। लेकिन इन हालातों ने साक्षी के हौसले को तोड़ने के बजाय और मजबूत कर दिया।
आपदा के बाद परिवार को अपना घर छोड़कर केसरवाला में किराए के मकान में शरण लेनी पड़ी। उन्हें अपना स्कूल बदलना पड़ा। नई जगह, नए हालात और सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई जारी रखना आसान नहीं था, लेकिन हार नहीं मानी। इन्हीं कठिन परिस्थितियों के बीच साक्षी ने हाईस्कूल परीक्षा में 94.60 प्रतिशत अंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि हालात चाहे जैसे हों, अगर इरादे मजबूत हों तो मंजिल मिल ही जाती है।

साक्षी ने अपनी मेहनत के दम पर हाईस्कूल में प्राप्त किए 94.60% अंक।
19 अगस्त 2022 की आपदा में घर-जमीन गंवाई
कठिन परिस्थितियों में हाईस्कूल में 94.60% अंक हासिल किए
भारतीय सेना में शामिल होकर देशसेवा का है सपना
जागरण संवाददाता, देहरादून। 19 अगस्त 2022 की आपदा ने सरखेत निवासी साक्षी के परिवार से बहुत कुछ छीन लिया था। जमीन बह गई, घर का अधिकांश सामान मलबे में दब गया और पढ़ाई तक छूटने की कगार पर आ गई। लेकिन इन हालातों ने साक्षी के हौसले को तोड़ने के बजाय और मजबूत कर दिया।
आपदा के बाद परिवार को अपना घर छोड़कर केसरवाला में किराए के मकान में शरण लेनी पड़ी। उन्हें अपना स्कूल बदलना पड़ा। नई जगह, नए हालात और सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई जारी रखना आसान नहीं था, लेकिन हार नहीं मानी। इन्हीं कठिन परिस्थितियों के बीच साक्षी ने हाईस्कूल परीक्षा में 94.60 प्रतिशत अंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि हालात चाहे जैसे हों, अगर इरादे मजबूत हों तो मंजिल मिल ही जाती है।
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