आधी रात आग का तांडव! देखते ही देखते बख्तियारपुर स्टेशन रोड में 5 दुकानें हुईं राख, मची चीख-पुकार।
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| (आग के बाद का भयावह दृश्य) |
स्टेशन रोड स्थित मिडिल स्कूल गली के सामने पूरब लाल कोठी मे लगी इस भीषण आग ने पांच दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते लाखों का सामान जलकर राख हो गया।
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| (जला दुकान देख स्तब्ध नुसरत प्रवीण) |
लेकिन असली डरावनी तस्वीर तो तब सामने आई, जब लोगों ने आग बुझाने की कोशिश शुरू की…
घटना मंगलवार रात करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सबसे पहले लाल कोठी के पास एक दुकान से आग की तेज लपटें उठती दिखाई दीं। शुरुआत में लोगों को लगा कि शायद मामूली शॉर्ट सर्किट होगा, लेकिन कुछ ही मिनटों में आग ने आसपास की दुकानों को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया।
जिसका किसी ने अंदाज़ा तक नहीं लगाया था…
दुकानों की छत खपड़ैल और ज्वलनशील सामग्री से बनी हुई थी। यही वजह रही कि आग तेजी से फैलती चली गई। आसपास मौजूद लोग बाल्टी और पाइप लेकर आग बुझाने दौड़े, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि कोई भी उसके करीब जाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था।
स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
सोशल मीडिया पर मचा बवाल…
घटना की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोग प्रशासन की तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने लगे।
कई यूजर्स ने लिखा –
“हर साल आग लगती है लेकिन व्यवस्था नहीं सुधरती…”
“बाज़ार की सुरक्षा सिर्फ कागजों में है…”
सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि पीड़ित दुकानदारों के मुताबिक, उन्होंने बगल के मकान से पानी मांगा लेकिन समय पर मदद नहीं मिल सकी। इसी बीच आग और भड़कती चली गई।
लोग बोले – “ये तो हद हो गई…”
आग लगने की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई। कुछ देर बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया।
फायर ब्रिगेड कर्मी बादल, दीपक सिंह और एसके ने बताया कि टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक पांच दुकानें पूरी तरह जल चुकी थीं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आग में जिन दुकानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ उनमें अजय लहेरी और संजय लहेरी की श्रृंगार एवं कॉस्मेटिक दुकानें शामिल हैं। इसके अलावा नुसरत प्रवीण और राम सिंह की फल दुकानें भी आग की चपेट में आ गईं।
दुकानों में रखा सामान, कैश, फर्नीचर और जरूरी सामान जलकर राख हो गया।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार राजू और कुमार अमन ने बताया कि शुरुआती अनुमान के अनुसार लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। हालांकि आग लगने की असली वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुट गए हैं।
लेकिन असली सवाल अब भी बना हुआ है…
क्या यह शॉर्ट सर्किट था?
क्या किसी की लापरवाही से लगी आग?
या फिर इसके पीछे कोई और वजह छिपी है?
फिलहाल जांच जारी है और प्रशासन नुकसान का आकलन करने में जुटा है।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले इसी इलाके के न्यू मार्केट क्षेत्र में भी भीषण आग लगी थी। लगातार हो रही आगजनी की घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
अब लोग प्रशासन से सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर कब तक छोटे दुकानदारों की मेहनत यूं ही आग में जलती रहेगी?
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि फायर सेफ्टी को लेकर जरा सी लापरवाही कितना बड़ा नुकसान कर सकती है।
आपके मुताबिक ऐसी घटनाओं के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार कौन है?
प्रशासन, लापरवाही या खराब व्यवस्था?
कमेंट करके अपनी राय जरूर बताइए।
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