नदी में मची चीख-पुकार, मौत से जंग लड़ते दिखे लोग_दरभंगा..

 कोशी की तेज धार में पलटी नाव, चीखों से कांपा दरभंगा पूरा

        SDRF और गोताखोरों ने संभाला मोर्चा Source & Pc-Prabaht Khabar

बुधवार, 10 जून 2026 दरभंगा, बिहार | किरतपुर प्रखंड, जमालपुर थाना क्षेत्र

दरभंगा जिले के किरतपुर प्रखंड अंतर्गत जमालपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस वक्त दर्दनाक चीख-पुकार मच गई, जब कोशी नदी की तेज धारा ने एक नाव को अपनी आगोश में ले लिया। झगरूवा गांव के समीप बनरी ढालान के पास हुआ यह नाव हादसा पूरे इलाके को दहला गया। नाव पर सवार लोग चीखते-चिल्लाते नदी में डूबने लगे और देखते ही देखते खुशहाल सुबह मातम में बदल गई। हादसे के बाद मौके पर ऐसा मंजर था जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।

बताया जा रहा है कि कुबौल और तरवारा गांव के करीब 10 लोग निजी नाव से कोशी नदी पार कर अमृतनगर गांव मूंग तोड़ने जा रहे थे। रोज की तरह लोग मजदूरी के लिए निकले थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर इतना भयावह साबित होगा। सुबह करीब आठ बजे जैसे ही नाव नदी के बीच पहुंची, तेज बहाव और असंतुलन के कारण नाव अचानक पलट गई। नाव पलटते ही नदी में अफरा-तफरी मच गई और चारों तरफ सिर्फ बचाओ-बचाओ की आवाजें गूंजने लगीं।

नदी में मची चीख-पुकार, मौत से जंग लड़ते दिखे लोग

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नाव पलटने के बाद कई लोग तेज धारा में बहने लगे। कुछ लोग नाव के टूटे हिस्से को पकड़कर जान बचाने की कोशिश कर रहे थे, जबकि महिलाएं और बच्चे मदद के लिए चीख रहे थे। घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि उस वक्त का दृश्य इतना भयावह था कि कोई भी देखकर कांप उठे।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के बाद कुछ सेकेंड तक किसी को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। फिर अचानक रिंग बांध पर काम कर रहे कर्मी रविंद्र कुमार यादव ने बहादुरी दिखाते हुए नदी में छलांग लगा दी। उनके साथ कई ग्रामीण भी बचाव कार्य में जुट गए।

सात लोगों की बची जान, तीन अब भी लापता

ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की तत्परता से सात लोगों को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया गया। सभी को गंभीर हालत में किरतपुर के अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। लेकिन हादसे के कई घंटे बाद भी तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं।

लापता लोगों में तरवारा गांव की कंचन देवी, कुबौल मुसहरी गांव की अमीरा देवी और 11 वर्षीय नेहा कुमारी शामिल हैं। इन तीनों के परिजन घटनास्थल पर बदहवास हालत में रोते-बिलखते नजर आए। एक मां अपनी बेटी का नाम लेकर लगातार चीख रही थी, जबकि परिजन नदी किनारे टकटकी लगाए गोताखोरों को देख रहे थे।

SDRF और गोताखोरों ने संभाला मोर्चा

कोशी नदी नाव हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर सिटी एसपी अशोक कुमार, एसडीएम शशांक राज, एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी, जमालपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार, घनश्यामपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार और सीओ आशुतोष सनी पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कराया।

कुछ ही देर में SDRF और गोताखोरों की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई। नाव हादसे के बाद कोशी नदी में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया। गोताखोर लगातार नदी में उतरकर लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं, लेकिन समाचार लिखे जाने तक तीनों का कोई सुराग नहीं मिल सका था।

SDRF की टीम ने नदी किनारे बैरिकेडिंग कर लोगों को दूर रहने की अपील की। वहीं प्रशासन लगातार लाउडस्पीकर के जरिए लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की बात कहता रहा।

“अगर पुल बन गया होता तो आज लोग जिंदा होते”

इस दर्दनाक नाव हादसे के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि इस इलाके में पुल निर्माण की मांग वर्षों से की जा रही है, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो पाया। लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक लापरवाही की वजह से लोगों को रोज जान जोखिम में डालकर नाव से सफर करना पड़ता है।

ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पहले भी इसी क्षेत्र में एक और नाव हादसा हुआ था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। इसके बावजूद सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए। स्थानीय निवासी रामविलास यादव ने कहा, “सरकार सिर्फ घोषणा करती है, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं होता। अगर पुल बन गया होता तो आज तीन लोग लापता नहीं होते।”

घटनास्थल पर मातम जैसा माहौल

कोशी नदी के किनारे सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। हर कोई नदी की तरफ टकटकी लगाए देख रहा था। किसी की आंखों में उम्मीद थी तो किसी के चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा था। महिलाओं की चीखें और बच्चों का रोना माहौल को और दर्दनाक बना रहा था।

लापता बच्ची नेहा कुमारी की मां बार-बार बेहोश हो रही थी। गांव की महिलाएं उसे संभालने की कोशिश कर रही थीं। वहीं नदी किनारे बैठे बुजुर्गों का कहना था कि कोशी नदी हर साल लोगों की जिंदगी निगल रही है, लेकिन व्यवस्था अब भी नहीं बदली।

प्रशासन पर उठे सवाल, सुरक्षा इंतजामों की मांग तेज

कोशी नदी नाव हादसा अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर बार-बार हादसों के बावजूद प्रशासन क्यों नहीं जाग रहा। ग्रामीणों का कहना है कि नावों की जांच, लाइफ जैकेट और सुरक्षित परिवहन की कोई व्यवस्था नहीं है।

स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द पुल निर्माण कार्य पूरा किया जाए और नदी पार करने के लिए सुरक्षित व्यवस्था की जाए। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और बड़े हादसे हो सकते हैं।

दरभंगा के किरतपुर में हुआ यह नाव हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी विफलता बनकर सामने आया है। कोशी नदी की तेज धार ने एक बार फिर कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। अब पूरा गांव सिर्फ एक सवाल पूछ रहा है — आखिर कब तक लोग यूं ही मौत के मुंह में जाते रहेंगे?

Post a Comment

أحدث أقدم
Khbar Junction Live Bihar
Khbar Junction Live Bihar

🎧 LIVE FM RADIO




🔊 Volume