पटना के हॉस्टल 17 साल की छात्रा की लाश! NEET की तैयारी कर रही श्रुति ने क्यों उठाया इतना बड़ा कदम?
पटना से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने हर मां-बाप, हर छात्र और पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है। NEET की तैयारी कर रही 17 साल की छात्रा श्रुति कुमारी की बॉडी हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटकी मिली। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।
मामला राजधानी पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के सचिवालय कॉलोनी रोड नंबर 2 A/26 स्थित राधे कृष्णा हॉस्टल का है। मृतका की पहचान समस्तीपुर निवासी श्रुति कुमारी के रूप में हुई है। वह पिछले साल 2024 से हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी।
सुबह जब हॉस्टल की दूसरी छात्राओं ने उसे नहीं देखा तो उन्हें शक हुआ। दरवाजा खटखटाया गया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। जैसे ही दरवाजा धक्का देकर खोला गया, अंदर का दृश्य देखकर सबके होश उड़ गए।कमरे में श्रुति फंदे से लटकी हुई थी।
सोशल मीडिया पर मचा बवाल…
घटना की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कोई इसे पढ़ाई का दबाव बता रहा है, तो कोई मानसिक तनाव और रिलेशनशिप एंगल पर सवाल उठा रहा है।
लोग बोले – “ये तो हद हो गई…”
“बच्चे आखिर इतने तनाव में क्यों जी रहे हैं?”
“क्या पढ़ाई का प्रेशर युवाओं की जिंदगी खत्म कर रहा है?”
इधर, श्रुति की दोस्त अंशु ने जो खुलासा किया, उसने पूरे मामले को और भी रहस्यमय बना दिया।
अंशु के मुताबिक, सुसाइड से पहले श्रुति किसी लड़के से फोन पर बात कर रही थी। बातचीत के दौरान वह लगातार रो रही थी। बाद में वह अंशु के पास आई और कहा कि उस लड़के से उसका झगड़ा हो गया है और अब वह उससे बात नहीं कर रहा।
जिसका किसी ने अंदाज़ा तक नहीं लगाया था…
अंशु ने बताया कि उसने श्रुति को समझाया था कि अगर वह ज्यादा परेशान है तो कुछ दिनों के लिए अपने माता-पिता के पास चली जाए। यहां तक कि उसने साफ कहा था – “कुछ गलत मत करना।”
लेकिन शायद श्रुति अंदर ही अंदर टूट चुकी थी।
दूसरी तरफ, मृतका के रिश्तेदार अमरेंद्र कुमार कर्ण ने भी बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि कोई लड़का श्रुति को काफी दिनों से परेशान कर रहा था, जिसकी वजह से वह डिप्रेशन में चली गई थी।
हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी एंगल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
हॉस्टल ऑनर आभा सिंह ने बताया कि सोमवार रात तक सबकुछ सामान्य लग रहा था। श्रुति खाना खाकर अपने कमरे में चली गई थी। उन्होंने कहा कि वह बेहद शांत स्वभाव की लड़की थी और किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करती थी।
लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब यह बात सामने आई कि श्रुति ने अपने दोस्त से कहा था – “मुझसे मेरे माता-पिता भी बात नहीं करते हैं।”
अब सवाल उठ रहा है कि आखिर श्रुति किन परिस्थितियों से गुजर रही थी?
क्या वह पढ़ाई के दबाव में थी?
क्या वह मानसिक तनाव से जूझ रही थी?
या फिर इसके पीछे कोई और बड़ी वजह छिपी है?
पटना पुलिस अब हर एंगल से जांच कर रही है। मौके पर FSL टीम को बुलाया गया। छात्रा का मोबाइल, नोट्स और आईकार्ड जब्त कर लिया गया है।
सदर ASP अभिनव ने बताया कि सुबह करीब साढ़े 9 बजे सूचना मिली थी। फिलहाल कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस को कुछ अन्य जानकारियां मिली हैं, लेकिन अभी उन्हें सार्वजनिक नहीं किया गया है।
चौंकाने वाली बात ये भी है कि पहले कहा जा रहा था कि श्रुति NEET की तैयारी कर रही थी, लेकिन अब जानकारी सामने आई है कि वह लॉ की तैयारी भी कर रही थी।
यानी मामला सिर्फ पढ़ाई का दबाव नहीं, बल्कि मानसिक संघर्ष, अकेलापन और निजी परेशानियों का भी हो सकता है।
श्रुति ने इसी साल 12वीं पास की थी। उसके पिता किसान हैं जबकि मां शिक्षिका हैं। परिवार ने शायद कभी सोचा भी नहीं होगा कि उनकी बेटी इतनी बड़ी लड़ाई अकेले लड़ रही है।
आज यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि समाज के लिए बड़ा सवाल बन चुकी है।
क्या हमारे बच्चे अंदर ही अंदर टूट रहे हैं?
क्या हम उनकी बातें सुनना बंद कर चुके हैं?
क्या मोबाइल और रिलेशनशिप का दबाव युवाओं को खामोशी से खत्म कर रहा है?
फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और सभी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मानसिक तनाव अब युवाओं के लिए सबसे बड़ा खतरा बनता जा रहा है।
इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है?
क्या छात्रों पर बढ़ता मानसिक दबाव ऐसी घटनाओं की वजह बन रहा है?
कमेंट करके जरूर बताइए।



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